Wednesday, September 19, 2018

एशिया कपः भारत-पाकिस्तान मुक़ाबले का यादगार इतिहास

भारत पाकिस्तान मैच हमेशा क्रिकेट प्रशंसकों के लिए ख़ास होता है और जब दुबई या शारजाह में खेला जा रहा हो, तब तो ये थ्रिलर मैच हो जाता है. भारत पाकिस्तान मैच का भारतीयों के लिए मतलब होता है कि या तो भारत जीता या भारत हारा क्योंकि वो ये कहना नहीं चाहते कि पाकिस्तान मैच जीत गया.
पाकिस्तान में भी ऐसा ही है. इसी से पता चलता है कि भारत-पाकिस्तान मैच की क्या ख़ासियत है.
1947 में दोनों देशों के बंटवारे के बाद भारत और पाकिस्तान ने न केवल सीमाओं पर बल्कि स्टेडियम में भी तनाव महसूस किया है. चाहे क्रिकेट हो, हॉकी या कबड्डी, अगर भारत और पाकिस्तान के बीच खेला जा रहा है तो दोनों देशों के प्रशंसकों में भारी उत्साह होता है.
अब एक और मैच में भारत और पाकिस्तान की टीमें एक दूसरे का सामना करने जा रही हैं. दोनों टीमें दुबई में 19 सितंबर यानी बुधवार को एकदिवसीय मैच खेलेंगे जहां एशिया कप 2018 खेला जा रहा है.
2008 में मुंबई में आतंकवादी हमलों के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच कोई द्विपक्षीय क्रिकेट श्रृंखला नहीं हुई है. हालांकि उन्होंने एक-दूसरे के ख़िलाफ़ अन्य देशों में कुछ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट टूर्नामेंट में मैच खेले हैं.
पिछले साल इंग्लैंड में खेली गई आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी में भारत और पाकिस्तान के बीच दो बार मैच हुआ. लीग मैच में भारत ने 124 रनों के साथ जीत हासिल की लेकिन इससे अधिक महत्वपूर्ण फ़ाइनल मैच में भारत 180 रनों से हार गया.
पिछले 11 सालों में दोनों टीमों ने एक-दूसरे के ख़िलाफ़ केवल आठ टी20 मैच खेले हैं. और आखिरी बार 2016 टी20 वर्ल्ड कप में दोनों टीमें आपस में भिड़ी थीं.
दोनों के बीच 2007 के बाद से कोई टेस्ट मैच नहीं खेला गया क्योंकि टेस्ट मैच में कोई वर्ल्ड कप या अंतरराष्ट्रीय सिरीज़ नहीं होती है.
अब जब पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर इमरान ख़ान वहां प्रधानमंत्री बन गए हैं तो क्रिकेट प्रशंसकों में एक उम्मीद जगी है कि दोनों देशों के बीच क्रिकेट को लेकर रिश्ते सुधरेंगे लेकिन उन्हें थोड़ा इंतज़ार करना पड़ेगा.मरान ख़ान की कप्तानी में पाकिस्तान ने भारत के ख़िलाफ़ कई यादगार मैच खेले हैं और दोनों में कड़ा मुक़ाबला रहा है.
1983-84 में पहले एशिया कप से लेकर अब तक दोनों टीमों के बीच इस टूर्नामेंट में 11 मैच खेले गए थे और दोनों में से कोई टीम भारी पड़ती नहीं दिख रही थी क्योंकि दोनों टीमों ने 5-5 मैच जीते और एक ड्रॉ रहा.
हालांकि भारत थोड़ा आगे है क्योंकि उसने चार एशिया कप टूर्नामेंट जीते हैं और पाकिस्तान ने दो. जो एशिया कप पाकिस्तान ने जीते, दोनों बार वो एशिया कप बांग्लादेश में खेले गए थे.
लेकिन नतीजों के हिसाब से कुल मिलाकर दोनों देश लगभग बराबरी पर हैं. एशिया कप में भारत की सफलता का दर 61.90 फ़ीसदी है और पाकिस्तान की सफलता दर 62.50 फ़ीसदी है.
भारत-पाकिस्तान मैचों के इतिहास में, शारजाह का एक विशेष स्थान है. ऐसा कहा जाता था कि शुक्रवार के दिन शारजाह में हो रहे मैच में पाकिस्तान टीम को हराना किसी भी टीम के लिए मुश्किल है और यहां तक कि भारत के लिए भी जीतना मुश्किल होता.
ऐसा ही एक शुक्रवार, अप्रैल 1986 का था जब मैच में भारतीय टीम ने 245 रन बनाए. ये वो दिन थे जब 225 से ऊपर का स्कोर किसी टीम को भी जीता सकता था.
सुनील गावस्कर के 92 रनों के चलते भारत मजबूत स्थिति में पहुंच गया था. रनों को पीछा करते हुए पाकिस्तान टीम ने 206 रनों के स्कोर पर 6 विकेट खो दिए थे लेकिन जावेद मियांदाद अभी भी मैदान में थे.
मैच का अंतिम ओवर आने तक भारतीय कप्तान कपिल देव के सभी दस ओवर खत्म हो चुके थे. मदन लाल और मनिंदर सिंह की भी गेंदबाज़ी ख़त्म हो चुकी थी और सिर्फ़ रवि शास्त्री ही बचे थे.
रवि शास्त्री के बजाय चेतन शर्मा को आखिरी ओवर डालने का मौका दिया गया.
पाकिस्तान को जीतने के लिए चार रन चाहिए थे. लेकिन जावेद मियांदाद ने चेतन शर्मा की गेंद पर बल्ले को हवा में उठाया और पेविलियन की तरफ़ भागने लगे.
मियांदाद का वो छक्का आज भी भारतीय प्रशंसकों को याद है.
भारत ने मियांदाद के उस छक्के का बदला 1997 में कराची में लिया. भारत 266 रनों के स्कोर का पीछा कर रहा था.
विनोद कांबली मज़बूती से मैदान में डटे थे और भारत की बल्लेबाज़ी बढ़िया चल रही थी.
लेकिन सभी के लिए हैरानी का पल रहा जब स्पिनर सक़लैन मुश्ताक़ की गेंद पर छक्का लगा कर भारत को जीत दिलाई.
यह 1996 का विश्व कप क्वार्टर फ़ाइनल था और बैंगलोर के एम चिन्नासामी स्टेडियम के मैदान पर दोनों टीमें सेमीफ़ाइनल में जाने के लिए मुक़ाबला कर रही थीं.
पाकिस्तानी टीम भारत में खेली हुई सभी टीमों की तुलना में काफ़ी मज़बूत थी.
भारतीय बल्लेबाज़ी संघर्षरत थी. आखिरी कुछ ओवर ही बचे थे और 250 रनों तक ही पहुंचने की उम्मीद थी. लेकिन अजय जडेजा के पिच पर आते ही बाज़ी पलट गई.
जडेजा ने आखिरी 3-4 ओवर्स में 25 गेंदों पर 45 रन बना डाले. उन्होंने वक़ार यूनुस के ओवर में 22 रन बना लिए और भारत का स्कोर 287 पर पहुंच गया.
इसके बाद पाकिस्तान के आमिर सोहेल ने आक्रामक बल्लेबाज़ी करते हुए स्कोर का पीछा करना शुरू किया. वेंकेटेश प्रसाद के ओवर में उन्होंने कई चौके लगाए और वेंकेटेश प्रसाद को कई बार पेवेलियन की तरफ़ इशारा भी किया लेकिन अगले ही ओवर में उन्हें आउट कर दिया. प्रशंसकों में मैच के लिए उत्साह देखते ही बनता था.
ये वही मैच था जिसमें जावेद मियांदाद रन आउट हुए थे, जबकि मियांदाद विकेटों के बीच तेज़ भागने के लिए जाने जाते थे.
यह वो वक्त था जब एक दिवसीय मैच लोकप्रिय हो रहे थे और उन दिनों भारत-पाकिस्तान एक दिवसीय श्रृंखला खेल रहे थे. नवंबर 1978 में पाकिस्तान को उसी की सरज़मीं पर साहिवाल स्टेडियम में मैच जीतने के लिए 22 रनों की ज़रूरत थी और सिर्फ़ दो विकेट बचे थे.
अंशुमन गायकवाड़ और गुंडप्पा विश्वनाथ मज़बूती से भारत के लिए बल्लेबाज़ी कर रहे थे लेकिन दबाव में पाकिस्तान के गेंदबाज़ इमरान ख़ान और सरफराज़ नवाज़ ने बाउंसर फेंकने शुरू किये.

Tuesday, September 11, 2018

过渡捕捞危及英国海洋

英国一慈善机构—海洋环境保护协会发表了一份名为《寂静的海洋》的报告,该报告是在英国政府为议会就海洋议题作立案准备时发布的。《卫报》引该报告说,严重的过度捕捞是英国目前面临的最大的环境威胁,它同时可能对海洋生态系统产生巨大破坏。

该组织致力于保护海洋、海岸和野生动物。它敦促政府在渔业管理方面应考虑到生态系统的状况。它认为,配额制导致渔民过度捕捞。为了鼓励鱼类资源的可再生性,部分海域应暂时关闭。

这份报告说,英国海洋中的鱼类由于鱼苗被过早捕捉,鱼在种类和数量上都日益减少。47个产鱼的不列颠诸岛中仅有8个海域保持着鱼群的健康状态。
 
 
该组织的主席查尔斯王子说英国海洋迫切需要关注,该报告起到了“唤醒”作用。没有任何一个英国海域受到了有效保护,从而免受人为危害;而海洋动物需要保护的程度也从没有这样迫切过。
在最新一期《自然地球科学》上发表的一篇日本研究说,气候模型表明,在未来几年持续升高的气温将使泥炭地干涸,后者将释放更多的二氧化碳,从而使全球变暖加剧。


泥炭是植被在极潮湿的环境下腐蚀而累积形成的。它约占2 %的全球陆地面积。由于碳在低温和水淹的情况下几乎不能分解,泥炭地中储存了大量的碳。

日本科学家通过模型分析发现,在泥炭地稠密的加拿大、俄罗斯和阿拉斯加等地区和国家,泥炭层将由于全球气温上升而加快干枯并释放出更多的二氧化碳。

日本海洋地球科学和技术研究所的山岸伊勢说,气温每上4 摄氏度就会释放浅泥炭层中的40 %和深泥炭层中的86 %的碳。这就意味着大气中的二氧化碳浓度将会增加,从而进一步加剧全球气候变暖。
据《路透社》报道,中国东南沿海浙江省的台州市居民最近进行了抵制PX石化项目建设的游行。他们担心,该厂的建设将威胁他们的健康,并呼吁政府放弃该计划并先考虑环境,后考虑发展。


该报引《台州日报》报道说,该市准备建设二甲苯(简称PX)的炼化工厂。这将是一个耗资600亿元 88亿美元)的石油加工项目的一部分。

台州市居民通过发送短信和使用互联网组织进行抗议性集体“散步”。当地一网站说:“作为台州市的居民,每个人都应采取行动,坚决反对PX项目。我们要的是清澈的水和绿色的山,而不是有毒的现金。”

该市政府官员准备批准该厂的建设,目的是吸引新投资和保证市政收入。去年,另一个沿海城市—厦门也曾抗议酶项目,导致地方政府放弃该计划

Saturday, September 1, 2018

民间应对禽流感的高招

永远不要低估中国人民的创意和决心,尤其是在应对重大疫情的时候。
尽管世界卫生组织近期表示,仍然无法明确 禽流感的传播方式和危险程度,中国近期爆发的禽流感疫情至今已有过百确诊病例,其中21人死亡。
 
出于对禽流感的恐惧,中国民众在防治禽流感的时候,可是想尽了一切办法。
 
为了使自己饲养的1800多只鸡免受禽流感之苦,浙江省的一位养殖户在鸡饲料里添加了板蓝根。
 
板蓝根是一味中药,在中国历来用于伤寒感冒的治疗。早在2003年非典爆发之时,板蓝根就几乎成了官方推荐的预防药物。2003年的非典疫情首现于中国,最终在全球范围内导致逾800患者死亡。
 
尽管其后研究表明,板蓝根对非典的预防功效被严重高估。然而,经过非典一疫中专家学者的大肆宣传后,板蓝根在民众心中自然而然地成为了能治百病的良药。
 
浙江养殖户余晓强在接受《钱江晚报》采访时,谈到了自己用板蓝根喂鸡的初衷。他说:“既然人吃了有用,鸡吃了应该也有效吧。”
 
同样迷信板蓝根预防禽流感功效的大有人在。据现代快报报道,苏州动物园为了园内饲养的几百只鸟类动物免受禽流感的死亡威胁,近期也开始在饲料中添加板蓝根。
 
据动物园的一位管理人员介绍,他们早在邻近的上海市通报第一例禽流感确证病例的时候,便开始了这项尝试,目前看来“至少还要喂半个月,到时候根据形势再决定要不要继续”。
 
受到禽流感影响而膳食结构发生变化的,不仅仅是动物园里的鸟类。动物园的老虎、狮子等肉食猛兽近来也不得不改换口味,停吃活鸡改吃牛肉。
 
猛兽们的膳食结构变化,并非全因动物园对禽流感的恐惧而采取的防范于未然的防疫措施。事实上,自禽流感疫情爆发始,活禽已不易买到。为防控禽流感,上海市屠宰了活禽11万羽并关闭了当地的活禽交易市场,苏州、南京、杭州等数十个华东城市也随后扑杀鸡鸭关闭活禽交易。
 
南京市不久前勒令当地居民在限期内宰杀饲养的家禽家畜,甚至连平日忙于追逐小摊小贩的城管,近期也不得不苦练屠宰术,给有需要的市民提供上门屠宰鸡鸭的服务。此外,上海和杭州的部分学校也悄然撤下了校园午餐中含鸡肉的菜品。
 
相比国内一窝蜂似的防疫措施,世界卫生组织显得尤为淡定。据半岛电视台报道,世界卫生组织驻华代表蓝睿明在接受采访时表示:“目前,我们只有零星的(禽流感)个案,也许以后也是这样。所以,现在还不是过度反应或者着急的时候。”
 
然而,由于禽流感的死亡人数已逾20人,许多民众都开始积极防疫。也许,正如北京市场里一位卖鸽子的档主所说,防治禽流感是“生死攸关的事情”。